जीवन में खेलों का महत्व पर निबंध 

1 . प्रस्तावना -

                      खेल मनोरंजन के उत्तम साधन हैं । स्वास्थ्य की दृष्टि से उनका महत्वपूर्ण स्थान है । खेलों से हमारे शरीर का हर अंग , मांसपेशियाँ आदि सुचारु रूप से कार्य करते हैं । हम अपने शरीर में स्फूर्ति का अनुभव करते हैं । रक्त संचार उचित ढंग से होता है , जिस प्रकार से मनुष्य के शरीर के लिए खाना - पीना - सोना , वायु आदि अनिवार्य हैं , उतना ही खेलना भी है । खेल एक प्रकार का व्यायाम है । मानसिक श्रम करने वालों के लिए टॉनिक का कार्य करते हैं । बिना खेलकूद के जीवन अधूरा रहता है , अतः कहा गया है - " All work and no play , Jack a Dull boy "           अर्थात् सारे दिन काम करना खेलना नहीं होशियार को भी मूर्ख बना देता है ।

importance of Games in life text image in hindi

 2 . खेल प्रतियोगिता हेतु -

                                         वर्तमान परिवेश में खेलों | का महत्व बहुत बढ़ गया है । प्रतियोगिताओं के कारण क्षेत्र व्यापक हो गया है । इसी स्पर्धा के कारण मानव जीवन और सम्पूर्ण विश्व एक खेल का मैदान बन गया है । हर किसी में | अपनी रुचि के खेल में पारंगत होने की होड़ लगी रहती है । प्रतियोगिताओं के ही कारण विश्वकप , ओलंपिक , एशियाड आदि खेलों का जन्म हुआ । 


3 . खेलों के प्रकार -

                              आजकल खेलों को दो भागों में बाँटा जाता है -

a . घर के भीतर खेले जाने वाले खेल -

               ताश , कैरम , शतरंज , टेबल टेनिस , लूडो , बिलियर्ड आदि । 

b . मैदान में खेले जाने वाले खेल - 

               हॉकी , क्रिकेट , फुटबॉल , बालीबॉल , बास्केट बॉल आदि ।


 4 . खेलों से लाभ या महत्व -



 a . मैत्री भावना का विकास - 

                                              खेल दो दिलों को जोड़ने वाले होते हैं । बड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ खेलते हुए अंत में हारने वाले जीतने वाले को गले लगाते हैं बधाई देते हैं , परस्पर प्रेम और भाई - चारे की भावना में वृद्धि होती है , अतः खेल मैत्री और बन्धुत्व के प्रतीक हैं ।   


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b . अनुशासित जीवन - 

                                 खेल में निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता है । संचालकों , गाइडों और शिक्षकों के आदेशों का पालन करना पड़ता है , जिससे खिलाड़ी का जीवन स्वतः ही पूर्ण अनुशासित हो जाता है । 

c . मनोरंजन के साधन - 

                                     खेल मनोरंजन की सामग्री जुटाते हैं । खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों दोनों को ही मनोरंजन मिलता है । ऐसे लोगों को भाग्यहीन कहना चाहिए जो खेलों से प्राप्त मनोरंजन के महत्व को नहीं जानते हैं ।

d . मानवीय गुणों का विकास -

                                               खिलाड़ी लगनशील , परिश्रमी और कर्मठ होता है । आलस्य , अकर्मण्यता और थकान उससे कोसों दूर रहती है । ईर्ष्या , द्वेष , भेद - भाव से दूर रहता है । खेलों के द्वारा मानव - मानव में प्रेम संबंध दृढ़ हो जाते हैं । खेल भावना के कारण आपसी सहयोग , संगठन , अनुशासन एवं सहनशीलता का गुण आ जाता है । विजय की दशा में उत्साह और हारने की स्थिति में सहनशीलता का भाव आ जाता है । 

d . यश औरमान में वृद्धि -

                                        खेलों से केवल खिलाड़ियों का ही मान सम्मान नहीं होता , अपितु देश , समाज , जाति के नाम में वृद्धि होती है । खेलों के लिए स्थानीय , राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार घोषित किये जाते हैं । ओलम्पिक खेलों में अधिक से अधिक पदक प्राप्त करने वाले देश के गौरव में अभिवृद्धि होती है । खिलाड़ियों को जनता का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता है । 

e . स्वास्थ्य में वृद्धि -

                             खेलने से खिलाड़ियों का भरपर व्यायाम होता है , जिससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं निरंतर विकास होता है , अतः कहा गया है A healthy mind is in a healthy body  अर्थात् स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है ।

 5 . सरकार द्वारा किये गये प्रयत्न -

                                                    खेलों के विकास के लिए भारत सरकार ने खेल मंत्रालय स्थापित किया है यह मंत्रालय क्षेत्रीय , प्रादेशिक , राज्य एवं राष्ट्री स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है । उत्तम खिलाड़ी का खेल के आधार पर चयन करके प्रशिक्षण की व्यवस्था करते हैं । खेल की उत्तम सामग्री निर्माण एवं क्रय करने के लिए अनुदान और ऋण प्रदान करता है ।  

  6 . उपसंहार -

                        खेलों से जीवन महान् बनता है । हम समाज तथा देश में महत्व प्राप्त करते हैं । उत्साह के साथ जीवन के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं । मानव जीवन संपन्न और खुशहाल बनता है । हर विकसित देशों में खेलों का अधिकाधिक विकास हो रहा है । जिसके कारण वे अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक पदक प्राप्त करते हैं । हमें भी अपने देश में अधिक से अधिक खिलाड़ी तैयार करने के लिए खेलों को प्रोत्साहन देना चाहिए । इसके लिए बचपन से ही बालकों को विविध खेलों का अभ्यास कराना चाहिए , जिससे उनका शारीरिक , मानसिक और बौद्धिक विकास होता रहे ।

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