चिड़िया घर की सैर पर निबंध ( Visit Zoo )

दोस्तों अभी गर्मी की छुट्टियां कुछ 10 - 12  दिनों में होने ही वाली है।  दोस्तों चिड़ियाघर का नाम सुनते ही हमारे मन में एक उत्सुकता सी उत्पन होती है की हमें वहाँ क्या क्या देखने को मिलेगा , वहाँ कई प्रकार के जानवर, पक्षि आदि। तो चलिए ये निबंध प्रारंभ करते है।

'Visit to A Zoo' text image in hindi

चिड़िया घर सैर :

                 दोस्तों जब हमारी 12 वीं  की परीक्षा संपन्न हुआ तब हम बहुत उत्साहित थे जब हमारे शिक्षक ने घोषणा की कि हमारी कक्षा के सभी बच्चों को चिड़ियाघर ले जाया जाएगा। मैं चिड़ियाघर घूमने का बहुत इच्छुक था, क्योंकि मुझे पक्षियों और जानवरों से प्यार है और उनके आस पास समय व्यतीत करना बहोत अच्छा लगता है। मुझे लगता है की वे हमारे सहयोगी हैं। और मुझे लगता है कि आदमी उनके बिना अकेला होता।

               हम सभी छात्र स्कूल वाले बस से चिड़ियाघर पहुंचे।  जल्द ही हम बिलासपुर चिड़ियाघर पहुँच गए। 
और सभी छात्र बस से उतर गए यह छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े चिड़िया घर में से एक है। इसका निर्माण 2005 में केंद्रीय चिड़ियाघर नई दिल्ली के द्वारा स्थापित किया गया है।  यह 106 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इस zoo को चार भागों में बांटा गया है। 
  • वन्य प्राणी स्थल 
  • मनोरंजन स्थल 
  • प्रशासनिक खंड
  • स्मृति वाटिका            
                इसका नाम है कानन पेंडारी चिड़ियाघर, और यह बहुत आकर्षण का स्थान है। यहाँ हमेशा हर दिन हजारो लोगों और बच्चों की भीड़ होती है।  यह एक सुंदर जगह है, इसमें कई तरह के पेड़, पौधे, घास के मैदान हैं।  चिड़ियाघर में, कई जानवर और पक्षी हैं, जो दुनिया के कई देशों से आते हैं।  वहाँ हमने बहुरंगी पंखों वाले सुंदर पक्षियों को देखा। साइबेरियन क्रेन, मोर, कॉकटू, पेहेंस स्पैरो, शेर , भालू, दरियाई घोडा ,हिरन, चिता , आदि इस चिड़ियाघर में देखने को मिला।

 हमने देखा कि क्रेन के सारस, बतख और सूअर तालाब में तैर रहे थे।  कुछ पक्षी गा रहे थे, चहक रहे थे और सीटी बजा रहे थे। बन्दर उछाल कूद कर रहे थे , तरह तरह क्र सांप भी थे।हम विभिन्न प्रकार के बंदरों, हिरणों को देखने के लिए बहुत उत्सुक थे।  मैं अपने पसंदीदा जानवरों को देखकर बहुत खुश हुआ, जिसमें बाघ भी शामिल थे। चिड़ियाघर में कई हाथी, जिराफ, दरियाई घोड़े और कुक्कू-बच्चे भी थे। चिड़ियाघर के अन्य आकर्षण हिरण, घोड़े,और खरगोश थे।  सबसे मनोरंजक चंचल बन्दर ही था।  वे विभिन्न चालें दिखा रहे थे और हम सभी ने उनके क्रियाकलापों को डेक कर आनंद लिया।  पानी में तैरते हुए प्यारे गोल्डन फिशर को देखना एक दिलचस्प अनुभव था। 

              यहाँ पर कुछ इलेक्ट्रिक गाड़ी भी था जिससे हम बिना चले उसपर बैठ के पुरे चिड़ियाघर का सैर कर सकते थे। इस चिड़ियाघर में एक मछली घर भी था जिसमे लगभाग 20 - 25  प्रकार के मछली थे। मुझे इस Zoo  में सबसे अच्छा लगा मछली घर , इसको देकने के बाद लगा की यहाँ आना सार्थक रहा , सच बताऊ तो पैसा वसूल था।  पुरे चिड़ियाघर को घूमने में हमको 3-4  घंटे लग गए। अब हम बहोत थक चुके थे और भूख लगने लगी थी।  वह पास में कैंटीन भी था जिसमे हम खाना खाये और फिर वहां से घर के लिए निकल गए। 


            दोस्तों यहाँ पर मैं कुछ जानवरों का फोटो लिया है साथ में सेल्फी फोटो भी क्लिक किये है जो आपको बिच बिच में देखने को मिल जायेंगे।  

             दोस्तों यहां पर बहुत से छोटे बड़े उद्यान हैं इन्हें बच्चों के लिए अनेक प्रकार के झूले चकरी ट्रेन और भी बहुत से आकर्षक वस्तुएं हैं जिससे बच्चे यहां पर आकर्षित होते हैं और यहां पर बार-बार आने को उनका मन करता है दोस्तों यहां पर मछलीघर, छोटी चिड़िया, हिरण, भालू, शेर, जंगली बिल्ली, मोर इस प्रकार लगभग 20 -25 प्रकार के प्राणी आपको देखने को मिलेंगे ।

               दोस्तों यहां आने से पहले आप एक बात ध्यान रखें कि आप किस दिन आ रहे हैं क्योंकि कानन पेंडारी zoo सोमवार को बंद रहता है। और इसका खुलने का समय प्रातः 9:00 से शाम 5:00 बजे तक है टिकट price है यहां का बच्चों के लिए ₹10 और 12 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्क व्यक्तियों के लिए ₹20 का टिकट निर्धारित किया गया है।  दोस्तों यहां पर बहुत से कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है जिससे यहां खाने का बंदोबस्त तो आसानी से हो सकता है। और यहां पर पीने के लिए पानी की सुविधा भी जगह जगह पर उपलब्ध है। 


                  हमने ऐसी सुखद यात्रा पहले कभी नहीं की  इसके लिए अपने शिक्षक को धन्यवाद देते हैं।  हमने जानवरों के बारे में कई बातें सीखीं।  मैंने पहली बार कुछ जानवरों को देखा, जो मैंने पहले केवल तस्वीरों में देखा था।

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